Creativity (सृजनात्मकता ) क्या है ?

सृजन (Creativity) एक मन के अंदर चल रही वह प्रक्रिया है  जिसमे के  नए विचार , उपाय , या  खोज का जन्म होता है ! ( स्किनर के अनुसार ) सृजनात्मक चिंतन वह है जो नए क्षेत्र की खोज करता है नए परीक्षण करता है नयी भविष्यवाणियां करता है और नए निष्कर्ष निकालता है

(Business Problems) “व्यावसायिक समस्याओं” के लिए (Creative Solution) “सृजनात्मक समाधान”  विकसित करने के तरीके:-

  • अपने अंदर की “Creativity” सृजनात्मकता को समझे :- (Creativity ) “सृजनात्मकता” को समझने से पहले  हमे सृजनात्मकता के प्रकार को समझना होगा !  सृजनात्मकता २  प्रकार के होते है    (१ ) ” Technical creativity”  तकनिकी सृजनात्मकता और (२ ) “Artistic creativity” कलात्मक सृजनात्मकता
  1. (Technical Creativity ) तकनिकी सृजनात्मकता :- जैसा की इसके नाम में ही तकनिकी है तो आप समझ ही गए होंगे की कोई नयी सिद्धांत , कोई नयी तकनिकी या विचार की खोज (Technical Creativity) तकीनीकी सृजनात्मकता कहलाती है !
  2. (Artistic Creativity) कलात्मक सृजनात्मकता :-  कलात्मक सृजनात्मकता  से सम्बन्ध कवि , लेखक , कहानीकार , नाटककार का होता है!

सृजनात्मक व्यक्ति में पायी जाने वाली विशेषताएं जैसे :-

  1. धाराप्रवाह
  2. मौलिकता
  3. सिखने की स्थानांतरण क्षमता
  4. विस्तारण की क्षमता
  5. नवीनतम को ले कर उत्साहित होना
  6. आत्मानुशासन , आत्मसम्मान
  7. दृढ़निश्चय
  8. व्यावहारिकता में कमी
  9. जोखिम उठाने को तैयार
  • आप कितने (Creative) सृजनात्मक हो :- मिहली सिसिकज़ेंटमिहाली ने अपनी एक किताब (Creativity) में कहा है की एक प्रभावी सृजनात्मक प्रकिया में मुख्यतः ५ कदम होते हैं !
  1. Preparation (तैयारी ):- तैयारी ऐसी होनी चाहिए की आप problems और issues को हल करने में पूरी दिलचस्पी के साथ डूब जाओ ! Creative लोग बैठते नहीं हैं अपने समस्या की जड़ तक जाते हैं वे अपने आसपास और पर्यावरण में हो रहे (potential issues )संभावित मुद्दों पर नजर रखते हैं  और वे समय के साथ चीजों के बदलने से प्रोत्साहित होते हैं  वे परिवर्तन से नहीं डरते  बल्कि उसे गले लगाते हैं !
  2. Gathering and reflecting on information ( सुचना को इकट्ठा और प्रतिबिम्बित करना ) :-  अपने सारे समस्याओ की सुचना को इकठा कीजिये उसके समाधानों (solutions) की जांच कीजिये और उन विचारो की पहचान करे जो आपके समाधान हो  सकते हैं लेकिन आपने उन्हें कभी प्रयोग नहीं किया ! कभी कभी समस्याओ से कुछ दिन के लिए दुरी बना लेना भी एक अच्छा विचार है इससे आपको नए नए आइडियाज  और विचार के बारे में सोचने में मदद मिलेगी !जब हम लम्बे समय तक किसी मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो एक या दो विचारो के झुकाव की प्रवृत्ति होती है और यह अन्य अच्छे विचारो को आने से रोक सकती है !
  3. Problem Exploration (समस्या की जांच पड़ताल करना ) :-  जब आप अपनी समस्या को पहचान लेते हैं  और verify कर देते हैं  तो आप आसानी से पता लगा सकते हैं की वास्तव में चल क्या रहा है और  आपके साथ हो क्या  रहा है  आपके द्वारा पहचाने जाने वाले Initial problem प्रारंभिक समस्या एक Deeper problem  गहरी समस्या का लक्षण बन सकती है  इसलिए आप समस्या को प्रारम्भ में ही पहचान ले ! समस्या की जांच करने में आप इतने भी प्रेक्टिकल  न हो की आप नेगेटिव हो जाये जिसमे संभावित समस्याओ को देखने की क्षमता है यही गुण क्रिएटिव लोगो को दूसरे लोगो से अलग करता है १ जैसे उदाहरण के लिए आप बोलते हैं  ” अरे ये भी कोई समस्या है ये तो मेरे लिए कभी समस्या हो ही नहीं सकती है ”  बोलना और सोचना आपके लिए एक समस्या उत्पन्न कर सकती है और आपको कभी पता भी नहीं चलेगा !
  4. Generating and evaluating ideas ( विचार करना और उसका मूल्याङ्कन  करना ) :-  जब आपअपने Problems और Issues कोसमझने में सक्षम हो तभी आप आपके अंदर समाधान के Creative ideas आ सकते हैं ! हो सकता है आपके अंदर आने वाले क्रिएटिव आईडिया प्रेक्टिकल और पोजेटीव न हो इसलिए आपको सृजनात्मक प्रक्रिया में आपको यह तय करना होगा की आप अपने विचारो का मूल्याङ्कन किस मापदंड पर करते हैं ! मूलयांकन करने के लिए हम विभिन्न तरीके का उपयोग कर सकते हैं जैसे  जोखिम का विश्लेषण  करना ,  प्रभाव का विश्लेषण करना  ,  कार्य शक्ति क्षेत्र का विश्लेषण करना , (Decision Tree) या निर्णय वृक्ष का विश्लेषण करना , और निर्णय मेट्रिक्स का विश्लेषण करना 
  5. Implementation (कार्यान्वित करना ) :- एक आम ग़लतफ़हमी यह भी है की क्रिएटिव लोग अपना ज्यादातर समय अच्छे विचार सोचने में लगाते हैं वास्तव में सच्चाई यह है कि क्रिएटिव लोग अच्छे विचार को पहचानते हैं और उनके साथ चलते हैं इस अंतिमचरन में अपने विचार को विश्वास के साथ लागू करने की आवश्यकता है आपको यह विश्वास होनाचाहिए की आप अपने विचारो को प्रस्तावित कर रहे हैं और समस्या के समाधान के परिवर्तन को प्रेरित कर रहे हैं
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