कोई भी लक्ष्य हासिल करने के लिए साकारात्मक रवैया जरुरी होता है सकारातमक विचार खुश रहने में मददगार होता है। इसका असर काम सफलता और सेहत सभी पर दिखता है. दिलचस्प यह है की साकारात्मक विचार मानसिक सेहत के साथ साथ शारीरिक सेहत भी दुरुस्त करता है। हावर्ड विश्विद्यालय के एक अध्ययन के मुताबिक साकारात्मक विचार वाले लोगो में नाकारात्मक रवैये वाले के मुकाबले दिल की तमाम बीमारियों का खतरा एक तिहाई कम होता है. कुछ लोगो को साकारात्मक रहने की कला ही पता नहीं होती है और वह नाकारात्मकता में ही खुश रहते हैं हर चीज की तरह साकारात्मक रहना भी सीखा जा सकता है। व्यवहार और सोच में बदलाव के साथ इसे अमल में ला सकते हैं।

अपनी मुस्कराहट बरकरार रखे

तनावपूर्ण स्थिति में दिखावटी मुस्कराहट भी दिल की धड़कन और रक्तचाप को काम करने में मददगार साबित होती है। इसलिए हर दिन कुछ मिनिट की ह्यूमर थेरेपी जरुरी है। इसके लिए आप फनी वीडियो का सहारा भी ले सकते हैं।

खुशिया और सफलता का सीधा सम्बन्ध

आम धारणा है की सफलता से खुशिया आती है लेकिन सच्चाई यह है की सफलता से ही हमें खुशिया मिलती है। अमेरिका के करीब दो लाख से ऊपर लोगो पर हुए सर्वे के मुताबिक खुश रहने वाले लोग आशावादी विचारो से सफलता हासिल करते हैं।

सपनो को पूरा करने की कल्पना करे

अपने सपने और लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें कल्पना लोक में स्थान दे। इसे आसान और दमदार तरीके से जीवन स्टार में सुधार लिया जा सकता है। हम जैसा सोचते हैं जीवन वैसा बन जाता है। अगर एक ही विचार दिन रात सोचना जारी रखेंगे तो वह आपकी सच्चाई बन जायेगी।

उम्मीद और सेहत के बीच नाता

साकारात्मक लोग विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला बेहतर तरीके से करते हैं उम्मीदे और साकारात्मकता सेहतमंद बनाती है और सही निर्णय लेने में मदद करती है वही नकारात्मक भाव हमारे ‘इम्यून रेस्पांस ‘ को कमजोर बनता है।

तरीके में बदलाव

बाहरी परिस्थितियों को हमेसा नियंत्रित नहीं किया जा सकता। लेकिन अतिरिक्त विचारो पर काबू रखा जा सकता है। अगर जिंदगी से नाखुश हैं तो सोचने और महसूस करने का तरीका बदलिए। दिमाग के सीमाओं से परे जा कर विस्तृत दायरे में सोचे।

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