क्या समस्या है ?

हमारे  जीवन में कोई भी चुनौती आती है जिसका हम सामना करते है  वो “समस्या ” है! यूँ कहा जाए तो समस्या एक केंद्र बिंदु है जहाँ हर दिन हर व्यक्ति अपना काम कर रहा है और वो काम है समाधान ढूँढना ! कही न कही ये समस्याएं हमारी सफलता की चाभी (कुंजी) होती है और समस्या का हल (solution) हमारी सफलता है ! आप जिन समस्या का सामना कर रहे हैं वो बड़े या छोटे , सरल या जटिल हो सकते हैं

किसी भी समस्या को हल करने के  4 बुनियादी कदम इस प्रकार हैं!

  1. आप अपनी समस्या को समझे 
  2. विकल्प चुनना  या ( प्लान बी) बनाना 
  3. विकल्प और समस्या का समाधान दोनो का मूल्यांकन करना 
  4. और अंत में समाधान को कार्यान्वित (इम्प्लीमेंट) करना 
  • आप अपनी समस्या को समझे :-

समस्या को समझने का सबसे सही तरीका यह है की आप अपनी समस्या पर गहन चिंतन करे समस्या की वास्तविकता को समझे और उस पर ध्यान दे  किसी दूसरे वयक्ति के पास अपनी समस्या को ले कर विचार विमर्श करना भी चाहते हैं तो ऐसे व्यक्ति से करे जिसकी समस्या और आपकी समस्या सामान हो और उसने अपनी उस समस्या का समाधान कर लिया हो ! असल में होता यह है कि हर इंसान की अपनी अलग अलग समस्याएं होती है और वो अपनी समस्या के अनुसार आपको आपकी समस्या का हल बताएगा जो शायद आपकी समस्या का हल न हो   सबसे पहले कोशिश अपनी समस्या को खुद समझने का कीजिये ! जूता पहनने वाले को ही मालुम होता है की जूता उसके पैर  में कहा काट रहा है किसी और को नहीं! क्या गलत हो रहा है , कहा गलत हो रहा है , कैसे गलत हो रहा है, क्यों गलत हो रहा है इन सब बातो पर गहन रूप से गौर करे !

  • विकल्प चुनना  या ( प्लान बी ) बनाना :-  प्लॉन  बी  बनाने से पहले  आप पता लगाए आपको क्या चाहिए खुद को हर जानकारी से अवगत कराये! अपने साथ में एक से ज्यादा प्लान ले कर चले किसी एक प्लान पर अटके नहीं रहे !प्लान बी को आप कम समय या लम्बे समय के रूपमे भी उपयोग कर सकते हैं ये आपकी समस्या पर निर्धारित करता है की आपको प्लान बी का उपयोग कैसे करना है ! कभी कभी “प्लान ए” और “प्लान बी” दोनो को साथ में ले कर चला जा सकता है यह भी आपकी समस्या पर ही निर्धारित करता है ! प्लान बी बनाने में (Creativity) “सृजनात्मकता “ की अहम् भूमिका है जिसके बारे में आप (Creativity) “सृजनात्मकता “ पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं !
  • विकल्प और समस्या दोनों का मूल्यांकन करना :-  वैसे तो मौत के अलावा ऐसी कोई समस्या नहीं  जिसका हल नहीं  हो ! आप अपने विकल्प और समस्या का मूल्यांकन आपके पास कितने (resources) संसाधन हैं इसके आधार पर कर सकते हैं  ! यहाँ (resources ) संसाधन का मतलब आपका समय, आपका पैसा, आपका प्रयास और आपके  planing की right execution से है ! विकल्प और समस्या दोनों का मूल्यांकन में (Decision makinng) “सही निर्णय लेना ” की अहम् भूमिका है जिसके  आप (Decision makinng) “सही निर्णय लेना” पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं
  • समाधान को किर्यान्वित करना  :- अगर आप किसी एक लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं, तो ध्यान रखें, कि आपको किस तरह की चीजों का सामना हो रहा है। अगर आप प्रगति कर रहे हैं, और एक पॉज़िटिव दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो बढ़ते रहें। अगर आपको लगता है, कि आपकी अप्रोच कुछ ज्यादा सही नहीं है, तो फिर समस्या को किसी दूसरी तरह से सुलझाने के बारे में सोचें। आपको और भी बेहतर ढंग से अपनी समस्याएँ सुलझाने के लिए और भी नयी-नयी स्ट्रेटजी अपनानी होंगी
Note :- अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होतो इसे शेयर करे वेबसाइट को सब्सक्राइब करना न भूले। अपने विचार और सुझाव कमेंट बॉक्स में डाले आप हमें मेल भी कर सकते है हमारा मेल आई डी है support@findsolutionhindi.in !