बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हर इंसान को जिंदगी में कई बार कोई न कोई रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है। बचपन में अगर बच्चो को अच्छे स्कूल  में एडमिशन न मिले तो माँ , बाप इससे परेशान हो जाते हैं फिर बड़े होने के बाद बारहवीं पास करें के बाद अच्छे कॉलेज में एडमिशन न मिलना भी एक रिजेक्शन ही है। फिर नौकरी में रिजेक्शन कोई लड़की को आप पसंद करते हो या किसी लड़के को पसंद करते हो उसने रिजेक्ट कर दिया , शादी के लिए लड़की वालो ने या लड़के वालो ने रिजेक्ट कर दिया मतलब कहा जाए तो हम सब कही न कही किसी न किसी मोड़ पर रिजेक्शन का शिकार जरूर हुए है या हो भी रहे हैं।  कई बार यह तनाव और डिप्रेशन का कारण भी बन जाता है. बिज़नेस में किसी प्रोजेक्ट का न मिलना या आपका प्रोजेक्ट किसी और को मिल जाना।  कई बार ये सारी चीजे इंसान को अंदर ही अंदर तोड़ देती है। कई बार नौकरी रिश्ते या बिज़नेस में जो वास्तव में हम चाह्ते है वो हमें नहीं मिल पाता है पर उससे हमें आशा और उम्मीदे जरूर मिलती है। मशहूर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को भी अभिनय जगत में आने के लिए उन्हें बहुत परिश्रम करना पड़ा था उन्हें उनकी अच्छी सूरत न होने के कारण कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था ये बात उन्होंने अपनी कई इंटरव्यू में कहा है।

जिया जियांग जो एक मोटिवेशनल स्पीकर है और रिजेक्शन थेरेपी वेबसाइट के मालिक भी है। जिया जियांग अपने रिजेक्शन में बिताये गए 100 दिन और अपने अनुभव के आधार पर एक किताब लिखी How to Beat Fear and Become Invincible” उन्होंने कहा  ” मुझे अहसास हुआ की मेरा रिजेक्ट होने का डर मेरे रिजेक्शन से ज्यादा बदतर था और जब मैंने अपना डर को खोना शुरू किया मुझे अच्छा अनुभव होने लगा “

जियांग कहते हैं की हर इंसान को किसी महत्वपूर्ण चीज के लिए रिजेक्शन का अभ्यास करना चाहिए। यह ऐसा तरीका है जो रिजेक्शन से खुद को सँभालने में सक्षम बनाता है। और नहीं को हाँ में बदलने में मदद करता है। वो ये भी कहते हैं की जब रिजेक्शन बहुत गंभीर होता है तो यह आपको सफलता के लिए प्रेरित करता है यदि आप सफल होना चाहते हैं और दुनिया पर अपना प्रभाव डालना चाहते हैं तो आपको रिजेक्शन का सामना करना होगा। यदि आप रिजेक्शन के डर से भागते हैं तो आप जीवन में कभी सफल नहीं हो पाएंगे।

how to handle rejection

रिजेक्शन से हमारे मस्तिष्क में आने वाले नाकारात्मक सोच का सामना हम कैसे करे ?

  1. आपने आप से पूछे और अपनी भावनाओं पर काबू रखे :- आप यह चीज़ क्यों चाहते थे (नौकरी, रिश्ते, घर, कार, आदि)? ऐसी  स्थिति में अपनी भावनाओं पर काबू रखे ,और वास्तविकता को समझना शुरू करें।  आपका अहंकारी दिमाग आपको क्यों बता रहा है  आपको इन सब चीजों की आवश्यकता है जो आपके पास पहले से नहीं है। आम तौर पर इस कदम को करने में, आपको यह पता चल जाएगा कि आपको वास्तव में इस चीज़ की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आपका दिमाग आपको बताता है कि इसलिए आप करते हैं।
  2. खुद को तकलीफ मत पहुँचाओ :- जीवन में हमेशा उतार चढाव आता रहता है और जीवन में हमे किसी मोड़ पर रिजेक्ट किया जाता है तो इसका हमारे जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। हमे ये समझना चाहिए की वो चीज हमारे लिए था ही नहीं। अपने आप को नाकारात्मक सोच और खुद के लिए  हिन् भावना वाली सोच में जाने की अनुमति न दे यह आपको उदासी की स्थिति में ले जा सकता है।
  3. सभी दृष्टिकोणों से स्थिति को देखने का प्रयास करें :- हालांकि यह बहुत मुश्किल हो सकता है लेकिन आप यह देखने का प्रयास करें कि आप जो चाह रहे थे उसे रिजेक्ट कर दिया जाना आपके लिए एक अच्छी बात हो सकती है। शायद आपको यह नौकरी नहीं मिली या आपके रिश्ते नहीं बने क्योंकि आप वास्तव में कुछ अलग चीज में  रुचि रखते हैं या सामने वाला किसी और चीज में रूचि  रखता हो।   शायद आप किसी दूसरे के कारण अपना महत्त्व खो देते हैं और उदास होने लगते हैं।  आपको कुछ समय वास्तव में खुद को प्यार करने की ज़रूरत है। अपने दिमाग को जो छूट गया या आप जिसमे रिजेक्ट हो गए उससे भी बड़ी चीजों पर विचार करने में ले जाएं ताकि आप वास्तव में महसूस कर सकें कि यह स्थिति आपकी दुनिया का अंत नहीं है।
  4. खुद पर विश्वास करे जो आपके लिए है आपको मिल जायेगा :- जैसा कि ऊपर नौकरी या रिश्ते के बारे में बताया गया है, अगर आपको रिजेक्ट कर दिया गया है तो अपने आप में दृढ और मजबूत महसूस करे।  आप कल्पना भी कर सकते हैं कि आपके लिए कुछ इससे भी बेहतर है जो एक दिन आपको मिल जायेगा। 
  5. नियंत्रण में रहे :- आम तौर पर जब हम जो चाहते हैं उसे प्राप्त नहीं कर पाते तो तो हम उस चीज़ को पाने के लिए कोई और रास्ता या गलत रास्ता अपनाने की कोशिश करते हैं। हम योजना, साजिश, योजना, और कुछ ऐसा करने की कोशिश करते हैं। आपका दिमाग बस यह सोचता है की कैसे भी करके उसे हासिल कर लिया जाये। आप इस बात को समझे कि जीवन में बहुत कुछ आपके नियंत्रण के बाहर है बस अपने विचारों, विश्वासों और भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करें, और बाकी को छोड़ दें।
  6. अपना कार्य करते रहे :-  यदि आप वास्तव में अपने जीवन में कुछ खोज रहे हैं, तो कार्य करते रहे और ये सोच कर करे की वो चीज आपके पास पहले से ही है। जब हम किसी चीज के लिए निराशाजनक संकेत को भेजते हैं, तो हम वास्तव हम भरोसा और  विश्वास करना छोड़ देते हैं । आप जितना हो उतने पर्याप्त और पूरे हैं, इसलिए इस तरह से कार्य करें!
  7. योग और ध्यान करे :- यूँ तो हमारा जीवन समस्याओ से घिरा हुआ है। अगर रिजेक्शन के कारण आप कूछ ज्यादा ही तनाव महसूस कर रहे हैं तो आप ध्यान और योग भी कर सकते है या किसी अच्छे आध्यात्मिक गुरु से संपर्क कर सकते हैं।

रिजेक्शन से निपटने के लिए अगर आपके पास कुछ और बेहतरीन तरीके हैं जो आपके नाकारात्मक को साकारात्मक में बदल दे तो मुझे आवश्य बताये।

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