तनाव क्या है ?

रिचर्ड लाजर के अनुसार जब किसी व्यक्ति की मांग उसके व्यक्तिगत और सामाजिक संसाधनों से ज्यादा है अथवा किसी के सहने की क्षमता से अधिक उस पर दबाव का होना है वाल्टर कैनन और हैंस सेल्ये ने तनाव पर शोध करने के लिए जानवरो पर अध्ययन किया।  उन्होंने बाहरी दबाव में पशुओं की शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा।  और लम्बे समय तक संयम और और चिकित्सा की प्रकिया से इस विषय पर शोध किया और मानव को  बारे में अवगत कराया। अगर हम मानते हैं कि हमारे पास स्थिति को संभालने के लिए समय, संसाधन या ज्ञान नहीं है तो हम तनाव का अनुभव करते हैं। संक्षेप में, जब हम “नियंत्रण से बाहर” महसूस करते हैं तो हम तनाव का अनुभव करते हैं।  की तनाव की परिस्थिति अलग अलग होती है और वो इसे नियंत्रित भी अपने अपने तरीके से करते हैं। अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं तो आप तनाव में हो कर भी लोगो को यह पता नहीं लगने देंगे की आप तनाव में हैं। 

फाइट या फ्लाइट

वाल्टर केनन ने १९३२ में फाइट या  फ्लाइट प्रक्रिया की पहचान की थी फाइट या  फ्लाइट वह प्रक्रिया है जो तब होता है जब हम सदमे का अनुभव करते हैं, या जब हम ऐसा कुछ देखते हैं जिसे हम खतरे के रूप में देखते हैं। फाइट या फ्लाइट किसी कार्य को करने या उससे दूर भागने की स्थिति है। हमारे मस्तिष्क से  तब स्ट्रेस  हार्मोन निकलता है  जो शरीर को खतरे से “फाइट ” या “फ्लाइट ” करने के लिए तैयार करते हैं। यह हमें ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन यह हमें उत्तेजनात्मक, चिंतित और चिड़चिड़ाहट भी बनाता है।

मान लीजिये  आपकी नौकरी पेशा इंसान है आपको काम में कोई प्रोजेक्ट दिया जाता है इस स्थिति में या तो आप उस काम को जी जान लगा कर करते हैं या फिर आपको ऐसा लगता है की ये प्रोजेक्ट आपसे बन नहीं पायेगा इस स्थिति को आप एक खतरे की स्थिति समझते हैं और तनाव में आ जाते हैं।  ऐसी स्थिति में या तो आप कड़ी मेहनत कर प्रोजेक्ट तैयार करते हैं या फिर आपको लगता है की ये काम आपसे नहीं हो पायेगा तो आप उस प्रोजेक्ट से भागने लगते हैं या फिर जॉब छोड़ देते हैं। यही स्थिति फाइट या फ्लाइट को दर्शाता है।

Reactions of fight or flight ( फाइट या फ्लाइट की प्रतिक्रियाएं )

  • हमारे  ज्ञानिन्द्रियों की क्षमता बढ़ जाती है
  • हमारे आँखों की पुतलिया ज्यादा खुल जाती है जिससे की हम ज्यादा देख सके
  • हमारे शरीर के बाल खड़े हो जाते हैं जिससे हमारी sensitivity बढ़ जाती है
  • हमारे  दिल की धड़कने बढ़ जाती है
  • हमारी नशे खुल जाती है जिससे हमारे शरीर में रक्त प्रवाह अच्छे से हो सके
  • हम तेज सांस लेने लगते हैं और हमारी छाती फूल जाती है
  • हमारे शरीर को एक न्यूनतम लेवल तक ही एनर्जी मिल पाती है
  • हमारे मुँह की लारग्रंथि भी काम कार्य करती है
  • ऐसे समय में ब्लैडर और बॉवेल्स भी खुल जाते हैं जिसे हमें पेशाब भी ज्यादा आता है। जिससे हमारा शरीर हल्का हो जाता है और हम ज्यादा मेंहनत  कर पाते हैं।
  • हमारे त्वचा के ब्लड वेसल सिकुड़ जाते हैं इनके सिकुड़ने की वजह से ब्लड का नुक्सान काम होता है। और उनके सिकुड़ने से ही हमारे शरीर के बाल भी खड़े होते हैं।
  • हमारे शरीर की ग्रंथिया भी खुल जाती है जिससे हमें पसीना आता है क्यों की जब हम मेहनत करते हैं तो हमारा शरीर गर्म हो जाता है और पसीना आता है
  • हमारे शरीर के नेचुरल पैन किलर कार्य करने लगते हैं मतलब हमारे शरीर के किसी हिस्से में दर्द होता है तो उस वक़्त हमे महसूस नहीं होता है।
  • ऐसे समय में हमारे सोचने समझने की शक्ति काम नहीं करती है। क्यों की इस वक़्त में हम सिर्फ कार्य करते हैं।
  • फाइट या फ्लाइट के सिचुएशन में इंसान को मेन्युप्लेट किया जा सकता है मतलब उसे बहकाया जा सकता है इस स्थिति में इंसान को बहुत संयम से काम लेना होता है।

तनाव के लक्षण

  • लगातार सिरदर्द।
  • ठंड लगना या हाथ और पैर से पसीना आना ।
  • तेज दिल  की धड़कन, पेट दर्द, या उलटी आना ।
  • अत्यधिक नींद, या अनिद्रा।
  • ध्यान केंद्रित करने में लगातार कठिनाई।
  • प्रेरक या बाध्यकारी व्यवहार।
  • सामाजिक वापसी या अलगाव।
  • लगातार थकान।
  • चिड़चिड़ाहट और क्रोधित होना ।
  •  वजन बढ़ाना  या काम होना ।

नौकरीपेशा व्यक्तियों में तनाव के कुछ आम कारण

  • कंपनी में संघर्ष
  • कर्मचारियों में उनके मालिक या बॉस के द्वारा गलत व्यवहार किया जाना
  • नौकरी में सुरक्षा की कमी (आज आप नौकरी में हो कल निकाल दिए जाओगे )
  • कंपनी की खराब नीतिया
  • सहकर्मी जब सही से काम नहीं करते
  • अस्पस्ट उम्मीदे
  • खराब कम्युनिकेशन और संवाद
  • वेतन का कम होना
  • कार्य कालीन समय सीमा पर कोई नियंत्रण नहीं होना
  • कम समय में काम का बहुत ज्यादा होना
  • असहज शारीरिक परिस्थितिया
  • सहकर्मियों का लापरवाह होना
  • अशिष्ठ सहकर्मी या अशिष्ठ मालिक के साथ काम करना
  • सहयोग की कमी

How to manage stress ( तनाव को कैसे प्रबंधित करे )

Awareness (जागरूकता ) :-

तनाव का प्रबंध करने से पहले उनसब चीजों से अवगत होना है जो आपको तनाव महसूस करता है  तनाव के दौरान जो आपको  महसूस होता है यदि आप इन सब चीजों पर ध्यान देना छोड़ देते हैं तो आप तनाव से कभी छुटकारा नहीं पा सकते हैं इसलिए अपने जीवन की उन स्थितियों की पहचान करने की कोशिश करे जो आपके तनाव का कारण है ये  ऐसी घटनाएं हैं  जिसे हम आमतौर पर सोचते है और  वो हमे या तो क्रोधित करती है या परेशान करती है इसलिए आप सभी छोटी छोटी घटनाओ पर ध्यान दे जो आपको तनाव देती है और उसमे से प्रत्येक घटना आपके लिए कितना गंभीर है। याद रखे आप अपने भावनाओ, विचारो और अपेक्षाओं के माध्यम से तनाव पैदा करते हैं

कुछ तनावी लोगों की सामान्य सोच

“मेरे पास पर्याप्त समय नहीं है ”

“यह काम मेरे लिए बहुत मुश्किल है ये मुझसे नहीं होगा”

“मुझे लगता है की मै अपना काम ठीक से नहीं कर पाऊंगा”

अपने तनाव के लक्षण को पहचाने। सुने आपका शरीर तनाव के बारे में आपको क्या बताने की कोशिश कर रहा है ज्यादातर लोग यह नहीं समझ पाते की उनका शरीर तनाव की सांकेतिक चेतावनी दे रहा है जैसे की शारीरिक लक्षण, भावनात्मक लक्षण और व्यहार सम्बन्धी लक्षण।  उन तनाव के बारे में सोचे जिनमे आप है और देखे की आप किन किन लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं।

  • शारीरिक लक्षण:- गर्दन और कंधो का टाइट हो जाना , थकान महसूस होना , आँखों पर जोड़ पड़ना ,कब्ज या दस्त महसूस होना , सिरदर्द होना ,हाई ब्लड प्रेस्सुर होना , पसीने आना , दाँत पीसना 
  • भावनात्मक लक्षण :- ज्यादा खाना , नींद की आदत में परिवर्तन , भूल जाना , नाकारात्मक रवैया , धूम्रपान करना , शराब पीना , बात बात पर चीखना 
  • व्यवहार सम्बन्धी लक्षण :- डिप्रेशन , गुस्सा, चिड़चिड़ापन , चिंता , आत्म सम्मान  की कमी , उदासीनता , अधीरता 

कुछ लोग तनाव डायरी रखते हैं उन चीजों को लिखते हैं जो तनाव का कारण होते हैं

तनाव डायरी :- हम में से हर दिन कई लोग किसी न किसी कारण तनाव का अनुभव करते हैं वो कारण ज्यादा घूमने या यातायात करना हो क्यों की मार्केटिंग और सेल्स के नौकरी वाले लोगो का काम ज्यादा यातायात करना होता है , या फिर ज्यादा काम का प्रेशर हो, या कोई मुश्किल ग्राहक हो या कोई अप्रिय समाचार हो  समस्या यह है की अगर तनाव के कारणों को हम अनदेखा करते है तो यह हमारे प्रोडक्टिविटी और स्वास्थ दोनों को प्रभावित करता है।  चीजों से बचने के लिए हमे तनाव डायरी रखना उपयोगी साबित हो सकता है।एक तनाव डायरी आपको तनाव पर प्रतिक्रिया करने में आपकी मदद करता है और दबाव के स्तर को पहचानने में आपकी सहायता करता है जिस पर आप काम करना पसंद करते हैं। तनाव डायरी से अभिप्राय यह है की आप अपने तनाव को एक से दस तक के स्केल पर लिखते हैं तब आपको तनाव का कारण समझने और उसे दूर करने में मदद मिलती हैं

Acceptance ( स्वीकृति )

क्या कभी  लिए चिंतित हुए हैं की आपका सहयोगी कर्मचारी देर रात तक आपको दिए गए प्रोजेक्ट को बनाने में आपकी मदद करता है यदि हाँ तो इस बारे में भी चिंतित हुए हैं की आपने उसके लिए क्या अच्छा किया। कभी कभी जो आप कर रहे हैं उन चीजों को स्वीकार करना भी सीखना चाहिए।  तनाव के प्रबंध का दूसरा चरण यही है। इसे इस तरीके से समझे।

Keep It In Perspective (अपने परिदृश्य में रखे )

क्या आप इस बात की चिंता करते हैं की आप अपने बॉस को एक महत्वपूर्ण डोक्युमेंट देना भूल गए क्या आप कभी खुद को गाली देते हैं जब आप ऑफिस अपने काम पर ५ मिनिट देरी से पहुंचते हैं हम में से बहुत सारे लोग इन सब चीजों के बारे में बहुत चिंतित होते हैं की अब वो कभी ऐसा नहीं करेंगे ऐसे लोग अनावश्यक तनाव पाल लेते हैं छोटी सी समस्या को बड़ा बना कर। जब चिंताए और डर आपके अंदर तनाव पैदा कर रहे हो तो आप खुद से पूछे।

”  क्या यह पहले कभी हुआ है ”

” मैंने इससे क्या सीखा ”

“इससे और ज्यादा बुरा क्या हो सकता है ”

“क्या मै इसके लिए  सकता हूँ ”

“मै अपने दोस्त को ऐसी स्थिति में क्या करने की सलाह दूंगा ”

Talk to Yourself (अपने आप से बात करे )

बहुत सारे लोग कुछ खास बातों  को दोहराते है जिससे उन्हें चीजों को स्वीकारने में मदद मिलती है जैसे कुछ उदाहरण ये हैं।

“अँधेरा हमेसा नहीं रहता अँधेरा के बाद सवेरा भी होता है ”

“चीजे बेहतर हो सकती हैं ”

“ये दिन भी गुजर जायेंगे ”

“इस अनुभव से भी कुछ सिखने को मिला है ”

” हम इसे अपनी मेहनत से ख़त्म कर देंगे ”

“शांत हो जाओ ”

जब आपका बुरा दिन चल रहा होता है तो आप ” गुप्त हथियार ” के रूप में उपयोग करने के लिए अपना स्वयं का वाक्यांश चुन सकते हैं।

Keep A Positive Attitude ( एक साकारात्मक दृश्टिकोण रखे )

जब चीजे गलत हो रही होती है  मुस्कुराना भी अच्छा नहीं लगता है अपनी भावनाओ को किसी के सामने व्यक्त करना भी बुरा लगता है ऐसे समय में आप अपनी भावनाओ पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लेते हैं केवल आपकी स्थिति ख़राब होती है यदि आप साकारात्मक दृश्टिकोण रखते हैं तो आप समस्या से बहार निकल सकते हैं केवल आप अपनी स्थिति को स्वीकार करना सीखे साकारात्मक दृश्टिकोण संक्रामक हो सकता है यह आपके काम करने के तरीके को आसान बना सकता है।

Get Counseling ( परामर्श लेना )

किसी से परामर्श लेने का मतलब यह नहीं की आप कमजोर हैं यह आपकी यह आपकी ताकत को दर्शाता है कुछ समस्या का समाधान आप अकेले नहीं सकते हैं। यदि आप अकेले, अभिभूत, या निराशाजनक महसूस करते हैं तो आपको एक परामर्शदाता की जरुरत हो सकती है अगर आपको परामर्शदाता से बात करने में झिझक महसूस हो रही हो तो आप किसी अच्छे और नजदीकी मित्र से भी बात कर सकते हैं।

Develop a “Stress-Resistant Personality ( अपने अंदर तनाव प्रतिरोधी व्यक्तित्व को विकसित करे )

कुछ लोग खुद तनाव पैदा करते हैं उन्हें ए टाइप व्यक्तित्व के रूप में माना जाता है वे ए टाइप लोग ऐसे होते हैं।

“ऊचा लक्ष्य निर्धारित करे जो बहुत मुश्किल से मिलता हो ”

” आराम के लिए बहुत मुश्किल से समय निकालना ”

“कड़ी मेहनत करना ”

“हमेशा जल्दी में रहना ”

“नियमित रहना”

यदि आप ये सारे गुण अपने आप में देखते हैं तो आपने खुद तनाव को आमंत्रित किया है।

इस बात को स्वीकार करने की कोशिश करे की वास्तविकता अक्सर आपकी अपेक्षाओं से काम होती है। जो लोग हमेशा दौरते रहते है वो अक्सर उनलोगो की तुलना में काम चीजे प्राप्त करते हैं जो लोग योजना बनाने और आराम से काम करने में समय लेते हैं। तनाव प्रतिरोध विकसित करने का एक और तरीका समस्याओं को “चुनौतियों” के रूप में मानना ​​है। संभावनाओं और संरचनात्मक समाधानों की तलाश करें। परिवार, दोस्तों, आध्यात्मिक और सामुदायिक गतिविधियों की प्रतिबद्धता तनाव को कम करने और परिप्रेक्ष्य में समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती है। लोगो से जुड़े रहने से भी ताकत मिलती है। उन चीजों को पहचाने की आप क्या बदल सकते हैं और क्या नहीं। चीजों को छोड़ना सीखे जिन्हे आप बदल नहीं सकते। आप अक्सर सूचीबद्ध तरीके से चीजों की योजना बनाने में सक्षम नहीं होते हैं लेकिन उन क्षेत्रो में आप नियोजन पर कार्य करते हैं जो आप कर हैं। 

What Can I Change? (मै क्या बदल सकता हूँ ):- 

क्या आप अपने तनावों से पूरी तरह से बच सकते हैं या उनसे छुटकारा पा सकते हैं ? क्या आप तनाव के स्तर को काम कर सकते हैं ?क्या आप तनावपूर्ण समय के दौरान ब्रेक ले सकते हैं अपने आप से इन प्रश्नो को पूछे और देखे की क्या होता है।  इस तरह की साधारण चीजे जो आप अपने तनाव को काम करने के लिए कर सकते हैं।

You Can Also Change Your Reaction to Stress (आप तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया भी बदल सकते हैं )

कोशिश करे की हल करने योग्य समस्याएं आपको दिख जाए।

एक तनावपूर्ण स्थिति में Over reacting के बारे में पता होना चाहिए।

अपने आप से जरुरत से ज्यादा उम्मीद करने के बारे में जागरूक रहे।

अपने नियंत्रण से बाहर की चीजों के बारे में चिंता करने से बचे।

Coping (मुकाबला ):-

दैनिक जीवन में तनाव से निपटने के लिए सीखना एक महत्वपूर्ण कौशल है।  मुकाबला आपके तनाव को अनुकूलित करने या स्थिति को बदलने में मदद करता है।  आइये कुछ कोपिंग स्किल के बारे जानते हैं

Physical Fitness (शारीरिक योग्यता ):-

शारीरिक फिटनेस तनाव को दूर करने का सबसे अच्छा साधन है शारीरिक फिटनेस २ तरीके से तनाव से लड़ने में मदद करता है

  1. तनाव के प्रभाव को सहन करने में शारीरिक रूप से फिट शरीर बेहतर होता है। एक संतुलित फिटनेस कार्यक्रम आपको अच्छा पोषण और पर्याप्त नींद देता है जो आपको किसी भी परिस्थिति से लड़ने में ऊर्जा और धीरज देता है।
  2. व्यायाम का प्रभाव मन और शरीर को प्रसन्न करने वाला होता है।  जो व्यायाम के बाद लम्बे समय तक चलती है। व्यायाम से मतलब कसरत, तैराकी,और दौड़ने से है वे धयान (meditation)) जैसी मानसिक स्थिति को उत्पन्न करता है। एरोबिक व्यायाम जो काम से काम २० मिनिट तक करने से दिल की धड़कनो को तेज करता है और मस्तिष्क एंडोफ्रीन रसायन को छोड़ता है जो डिप्रेशन और तनाव को काम करता है। योग का अभ्यास भी तनाव को काम करता है।

So, Move It…

ऐसा करो जिससे आपकी दिल की धड़कन तेज हो जाये और शरीर से खूब पसीना निकले।

अगर सुबह टहलते हो तो तेज चाल के साथ टहलो।

योग करो।

तैराकी करो।

नृत्य करो इससे भी तनाव दूर होता है

Relax (शांत महसूस करना )

शांत महसूस करना या रिलेक्स फील करने के बहुत सारे तरीके हैं जैसे धूम्रपान करना , शराब पीना , टी बी देखना , टी बी देखते हुए खाना हालांकि यह तनाव के भौतिक प्रभावों को काम करने के लिए कुछ भी नहीं करता है सही माने तो रिलेक्सेशन एक कला है जिसे आप सीखते है जब इसकी आपको जरुरत होती है। तनाव आपके शरीर को विभिन्न तरीको से रोकता है।

आपके श्वास को उथला बनता है

ब्लड प्रेशर बढ़ता है

दिल की  बढ़ता है

रिलेस्टेशन  स्किल से आप बेहतर महसूस कर सकते है , बेहतर सोच सकते हैं , बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं ऐसे कई गतिविधिया हैं जो आप कर सकते हैं

योग :- योग एक श्वांस का अभ्यास है जिससे शरीर संयोजित होता है

ताई ची :- ताई ची एक मार्शल आर्ट है जिसका अभ्यास आपके दिमाग को शांत करता है

ज्यादा तनाव में गहरी श्वांस लेना भी फायदेमंद होता है।

Do Something For Yourself ( अपने लिए कुछ करे )

तनाव से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका यह है की कुछ ऐसा काम करो जिसे आपको आनंद मिलता हो अच्छे अच्छे शौक पाले जैसे बागवानी करे , बागीचा लगाए , फिल्म देखे , अच्छी किताब पढ़े , प्रेरणादायक सन्देश पढ़े , वो सब करे जो आपको आनंद पहुँचता हो और आपके चेहरे पर मुस्कान लाता हो

Stress Get Away From It All ( तनाव इनसब से दूर चले जाओ  )

अपने शरीर के प्रत्येक भाग पर धयान केंद्रित कर तनाव की तलाश करे यह काम अपने पैरो से सुरु करते हुए सर तक ले जाये

अपने शरीर को धलिए छोड़ दे अपनी पलके भारी करे और आराम करे

हर जगह जहाँ आप तनाव महसूस करते हैं एक गहरी और पूर्ण श्वांस ले और जब आप श्वांस छोड़ते है तो यह कल्पना करे की आपके अंदर की कठोरता पिघल रही है

अपने चहरे, बाहो, पैरो और  नितम्बो, में मांसपेशियों को निचोड़ने का प्रयास करे और ५ तक गिने मांसपेशियों को कसने से आपका ध्यान उस क्षेत्र पर केंद्रित होगा जिससे आपको तनाव काम होगा

अपने विचारो को ध्यान में रखे अपने दिमाग से गुजरने दे और निम्नलिखित बातो को दोहराये।

“मै आराम कर रहा हूँ मै शांत हूँ ”

” मेरे हाथ भारी और गर्म हैं ”

” मेरे दिल की धड़कन धीमी और नियमित है ”

” मै अभी शांतिपूर्ण महसूस कर रहा हूँ ”

” धीरे धीरे नियमित रूप से श्वांस लेना जारी रखे एक बार आराम करने के बाद इसका आनंद ले

”  कल्पना कीजिये की आप समंदर तट, जंगल या पर्वत की चोटी जैसी खूबसूरत जगह पर हैं धीरे धीरे जागने से पहले ५ मिनिट तक इस सुस्त अवस्था  रहे। ”

Live a Balanced Life ( एक संतुलित जीवन जिए )

काम और पारिवारिक जीवन में संतुलन भी तनाव को दूर करने में सहायक होता है।

Just Laugh!(हसिये )

हसना तनाव के हार्मोन स्तर को काम करता है और अच्छा महसूस करता है।

हसना आपके शरीर में अधिक ऑक्सीजन को लाता है और शरीर की ऊर्जा को भी बढ़ाता है तो यू टुब चैनल पे जाए कॉमेडी वीडियो देखे और जी भर कर हसें।

Action (कार्यवाई)

आपने अपने जीवन को देखा होगा और महसूस किया होगा की कुछ तनाव आपके जीवन में उन चीजों से है जिन्हे आप नहीं बदल सकते ये ऐसे तनाव हैं जिन्हे आपको स्वीकार करना होता है और सामना करना होता है लेकिन आपने यह भी महसूस किया होगा की कुछ तनाव आपके जीवन में उन चीजों की वजह से होती है जिन्हे आप बदल सकते हैं यही वो जगह है जहाँ कार्यवाई  आती है

Make a Plan ( एक योजना बनाये )

शुरू के तीन चीजों के बारे में सोचे जिससे आपको तनाव होता है उदहारण के लिए कल्पना कीजिये की एक नर्स है जीका नाम स्वाति है उसकी माँ बीमार है जिस्की देख भाल स्वाति ही करती है उसके बाद पुरे दिन बीमार मरीजों की देख भाल करती है पुरे दिन काम करने के बाद अपनी बच्चे को होमवर्क कराने में मदद भी करती है वीकेंड पर किरणे की दूकान से राशन भी लाती है स्वाति इस तथ्य को नहीं बदल सकती है की उसकी माँ बीमार है या उसके बच्चो को होमवर्क कराने में उसकी मदद की जरुरत है उसे किरणे की दुकान से राशन भी खरीदना है तो वह किस तरह की योजना बना सकती है अक़ब स्वाति अपने बहन के पास रहने लगी है उसकी बहन उसकी मदद करती है अब पुरे वीक डेज में काम और वीक एन्ड पर अपने माँ के साथ रहती है स्वाति ने अपने बच्चो से कहा है की काम करने  के बाद उसे १ घंटे आराम की जरुरत है इससे पहले वह उन्हें होमवर्क में मदद कर सके अपने बच्चो को आराम आराम से सभी आसान होमवर्क को करने के लिए कहती है किराने की दुकान में वीक डेज शाम को ज्यादा भीड़ होती है तो स्वाति शनिवार शाम की वजह सोमवार सुबह ८ बजे अपनी शॉपपिंग की समय बदल लेती है वह अब आधा समय में अपनी खरीदारी ख़त्म कर लेती है और बच्चे किरणे का सामन रखने में उसकी मदद करते हैं बाद में वे सब बैठ कर मिठाई कहते हैं

क्या स्वाति ने उन सब चीजों को दूर किया है जो उसके तनाव का कारण बनती ? यह जरुरी नहीं।  वह अभी भी अपनी माँ का ख्याल रखती है अपने बच्चो की होमवर्क में मदद करती है और किरणे से राशन की खरीदारी करती है लेकिन इन सब चीजों को कब और कैसे पूरा किया जाए इन सब पर नियंत्रण करके स्वाति ने नाटकीय रूप से अपने तनाव को काम कर दिया है।

Communicate ( संवाद )

संचार की कमी कई परेशानियों को जन्म देती है जैसे भावनाओ का आहत होना ग़लतफ़हमी और दूसरे सब्दो में कहा  तनाव।  यहाँ कुछ बयान दिए गए हैं जो संवाद में विफलता के परिणाम है।

” आपको क्या लगता है की उसका कुछ मतलब है ”

” अगर आपको पूरी बाते समझ में नहीं आया  तो गलत तरीके से नौकरी करने की वजाय क्यों नहीं पूछा ”

“आप मुझे कभी भी नहीं सुनते ”

सफल संचार में काम से काम दो लोग “टाकर” और “रिसीवर” होता है कुछ लोग बात करने में अच्छे होते हैं लेकिन सुनने में अच्छे नहीं होते। कुछ लोग सुनने में अच्छे होते हैं लेकिन बात करने में नहीं इसके लिए अभ्यास की जरुरत है इंसान को दोनों में अच्छा होना चाहिए।

हम लोगो के साथ कैसा व्यवहार कर रहे है यह शरीर की मुद्रा , आवाज की स्वर ,और हमारे चहरे की अभिव्यक्ति से पता चल जाता है किसी को समझने के लिए इन चीजों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

जब आप किसी से बात कर रहे हो और बात सुन रहे हो तो बेहतर संवाद करने के लिए निचे कुछ बाते बताई गयी है।

बात करने की कौशल

  1. सटीक रहे ” यह वही है जो मै आपसे अपेक्षा करता हूँ “
  2. दृढ रहो ” हाँ  मुझे वह चाहिए “
  3. श्रोता के जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहे ” आप इसके बारे में कैसा महसूस करते हैं “

सुनने की कौशल

  1. दिमाग खुले रखे ” आपकी बाते बहुत दिलचस्प हैं “
  2. सन्देश पर ध्यान दे ” और फिर क्या हुआ “
  3. समझे ” इससे आपको बहुत अच्छा लगा होगा “
  4. किसी को सुनने के बाद यह सुनिश्चित करने के लिए जांचे की आपने क्या कहा था “जिस तरह से मई समझ रहा हूँ यही वह है जो अपने कहा “

Change Bad Habits ( बुरी आदतों को छोड़े )

धूम्रपान

बहुत सारे अस्वस्थ खाद्य पदार्थ खाना जैसे चिप्स , पिजा , बर्गर

बहुत रात तक जागना और शराब पीना

बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो एक बुरी आदत को एक अच्छी आदत में बदल लेते हैं ऐसे लोगो को जीवन में काम तनाव होता है  उदाहरण  के लिए यदि आपको रात में नींद नहीं आती है तो हर रात अपने समय पर बिस्तर पर जाने की कोशिश करे

मदद के लिए पूछना।  जब लोगो को लगता है की उन्हें यह सब करना है  तो उनका तनाव में होना बहुत आम बात है।  उन्हें लगता है की उनका घर परिवार और नौकरी का ख्याल रखना है। और उन्हें स्वयं सब कुछ करना है तो आप इस जाल में मत फसों।  यदि आप तनाव महसूस कर रहे हैं तो अपने दोस्तों , रिश्तेदारों ,सह कर्मियों , से मदद मांगने में मत हिचकिचाए

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